Oct 6, 2016 · 1 min read

खुद बोल उठे

देखी जब इन्साँ की मौका परस्ती
दरवाजे खुद ब खुद बोल उठे
पहले दरवाजे इंसान बन्द करता था
अब अपने आप ही बन्द हो जाते है

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