Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jul 2022 · 1 min read

ख़्वाब आंखों के

ख़्वाब आंखों के
मुझे सोने नहीं देते
मेरे हालत भी
मुझको
मेरा होने नहीं देते
हौसले दिल के न पूछो
बिख़र ने भी नहीं देते
सवरने ने भी नहीं देते
शिकायत भी भला
किससे करे कोई
मुकद्दर के मसाइल हैं
मुझे जीने नहीं देते।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: कविता
10 Likes · 154 Views
You may also like:
साजिशें ही साजिशें...
डॉ.सीमा अग्रवाल
तुम हक़ीक़त में
Dr fauzia Naseem shad
✍️क्या ये सच नही..?
'अशांत' शेखर
बरसात
प्रकाश राम
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️हिसाब ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
*हास्य-रस के पर्याय हुल्लड़ मुरादाबादी के काव्य में व्यंग्यात्मक चेतना*
Ravi Prakash
इंसाफ के ठेकेदारों! शर्म करो !
ओनिका सेतिया 'अनु '
वक्त गर साथ देता
VINOD KUMAR CHAUHAN
Green and clean
Aditya Prakash
है मुहब्बत का उनकी असर आज भी
Dr Archana Gupta
दोहे नौकरशाही
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पूनम की रात में चांद व चांदनी
Ram Krishan Rastogi
खुदा मिल गया
shabina. Naaz
इश्क में तन्हाईयां बहुत है।
Taj Mohammad
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
विलुप्त होती हंसी
Dr Meenu Poonia
मकड़ी है कमाल
Buddha Prakash
त्योहार पक्ष
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
लाखों सवाल करता वो मौन।
Manisha Manjari
लिहाज़
पंकज कुमार कर्ण
नरसिंह अवतार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पूछ रहा है मन का दर्पण
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
पापा की परी...
Sapna K S
ऐसा करने से पहले
gurudeenverma198
सावन का मौसम आया
Anamika Singh
* मनवा क्युं दुखियारा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
रंग-ए-बाज़ार कर लिया खुद को
Ashok Ashq
देवदासी प्रथा का अंत कब होगा?
Shekhar Chandra Mitra
नीति के दोहे
Rakesh Pathak Kathara
Loading...