Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 15, 2022 · 4 min read

बचपन का क्रश

लोग अक्सर पुछ लेते हैं की मुझे कभी किसी पर क्रश हुआ तो देखा जाये तो एक बार हुआ था सौरव गांगुली पर 😍😍 पर हाँ मैं किसी की क्रश थी ये बात जब आज किसी ने पुछा तो यकायक ही वो याद आ गया था… देखा जाये तो हम आज भी अच्छे दोस्त हैं

बात तब की हैं जब मे स्कूल मे थी और 11 वी क्लास मे मैं बायो ग्रुप मे थी और वो आर्ट मे था मेरी एक बहुत खास सहेली भी उसके ही ग्रुप मे थी तो अक्सर जब हम दोनो सहेलिया साथ होते थे तो वो अपने ग्रुप की और मे अपने ग्रुप की बाते करते थे और हम दोनो अक्सर शाम को स्कूल के बाद मिल ही लेते थे हमारे घर पास पास थे

एक बार मेरे सहेली उस लड़के के बारे मे बताने लगी की दोनो का झगड़ा हुआ हैं फिर अगले दो तीन दिन का विषय वही रहा हमारी बातो का l
मैं उसको ज्यादा नही जानती थी बस नाम और चेहरा पता था
हमारा 12वी का विदाई का दिन भी आ गया और हम चार लोग ऐसे थे जो कविता लिखा करते थे मैं ,मेरे सहेली मेरे ग्रुप का एक लड़का और वो लड़का (ज़िसका मैं क्रश थी ) उस दिन हम सभी अच्छे से सज़ धज कर स्कूल गए स्कूल लाइफ का आखिरी दिन था मेरे सभी सहेलियो ने सलवार सूट पहना था और मेने जींस टॉप और हमारे परिधांन देख कर या कहे मेरे परिधान से हमारे एक सर को तकलीफ हुई वो अपने भाषण मे बोले की हमें अपनी मर्यादा मे रहना चाहिए मैं भी समझ गई थी उनका ईशारा फिर मेने भी अपनी बात रखी और कहते कहते आसु आ गए फिर सभी की आंखे नम थी विदाई का दिन था हम चारो ने ही कविता सुनाई पर उस लड़के की कविता मे कुछ ऐसे शब्द थे जैसे की गुलाब,मायूसी तो मेने मेरी सहेली को इस बात पर छेड भी दिया की तेरा दुखी होना उस से देखा नही जा रहा जब कि मैं आहत थी सर की बातों से शायद वो ये समझ रहा था अच्छे से बस उस वक़्त मे ही नही समझ पाई l

मैं पढाई के सिलसिले मे घर से दूर अलग शहर मे रहने लगी ऐसे ही हम सभी अपनी स्कूल लाइफ के बाद अलग अलग बिखर गए l
करीब 2 साल बाद एक दिन सड़क पर एक लड़के ने मुझे रोका मैं तो पहचां ही नही पाई उसको फिर उसके याद दिलाने पर याद आया की अरे ये तो स्कूल मे साथ था फिर करीब 10 मिन. वही सड़क पर बाते हुई मोब नं अदला बदली हुए l

और अब हर 2 से 3 दिन मे उस से मुलाकात हो जाती हमारी क्लास अलग थी पर टाइम एक था
वो मुझे मेसेज भी करता था पर जब उसके मेसेज देर रात आने लगे तो मुझे ठीक नही लगा उस वक़्त शायरी ज्यादा चलन मे थी वही भेजता था एक दिन उसका मेसेज आया तुम्हारे मम्मी से तुम्हे माग लू ? मुझे समझ नही आया की कहना क्या चाह रहा तभी दूसरा मेसेज आया कोई सवाल था ज़िसका जवाब 143 था अब मैं समझ चुकी थी
सब कुछ और मेने कुछ जवाब नही दिया

3 दिन हो चुके थे उसके मेसेज आ ही रहे ते तभी 5वे दिन मुझे गालियो से भरा मेसेज आया पहले मुझे गुस्सा आया की एक तरफ बोल रहा की प्यार करता और एक तरफ गालिया दे रहा मुझसे रहा नही गया मेने भी उसको जवाब दिया की इस तरह के मेसेज से तुम अपना चरित्र दिखा रहे हो इसके बाद उसका कॉल और मुझ से माफी मागने लगा बोला की मेरे दोस्त ने मेसेज किया हैं फिर उसके दोस्त से भी बात हुए तो वो बोला मेने सोचा था की अगर मैं ऐसा मेसेज करूगा तो तुम जरूर जवाब दोगी वो पढने आया हैं यहा पर पढाई नही करता तुम्हे भेजने के लिए मेसेज ढूढते रहता हैं रात भर उसको तुम समझा दो की पढाई पर ध्यान दे उसके बाद मेने अगले दिन उसको मिलने बुलाया l

हम दोनो अगले दिन मिले और मेने सबसे पहले चाऊमीन मगवा ली तीखी थी मुझे जैसी पसंद हैं पर उसके हिसाब से ज्यादा ही तीखी थी उसकी आँखो से आसु और कान से धुए निकल रहे थे मैं समझ चुकी थी की वो नही खा पायेगा मेने मना भी किया पर उसने खा ली उसके बाद जैसे ही मेने उसको समझां शुरू किया तभी मेरे पास उस लड़के का कॉल आया जिस से मैं प्यार करती थी ऐसे मे मेने उसको कहा की तुम चुप रहना कुछ मत बोलना वो बस बैठकर बाते सुन रहा था और समझ भी चुका था सब कुछ उसके बाद मुझे उसको ज्यादा नही समझां पड़ा उसने भी कहा की वो पढाई पर ही ध्यान देगा l

उसके बाद कभी कभी बात हो जाती थी उस से मेरी फिर एक दिन अचानक किसी की बताये बिना मेने शादी कर ली अपनी पसंद से और सभी से बात बन्द हो गई मेरे पास किसी के मोब नं भी नही थे l

कुछ सालों बाद मेने उसको फेसबुक पर देखा तब बाते हुई उस से तो बोला मुझे तो टी वी से पता चला शादी का ….मेने भी उसको बोला की तुम्हे कोई प्यार नही था बस लगाव था तब उसने मुझे जो कहा उस से मे कह सकती हूँ की मैं उसके बचपन का क्रश हूँ उसने कहा तुम 5 वी क्लास मे एक गुडिया वाला बेग स्कूल ले जाती थी तुम चलती थी तो मुझे अच्छी लगती थी मुझे तुम्हारे चलने का तरीका पसंद था मैं तो तुमहे बहुत पहले से जानता था जब तुम और मैं अलग अलग स्कूल मे पढते थे और तुम छोटी थी मैं तुम्हे स्कूल से घर जाते हुए देखता था

आज तक कई लोगो को मुझ पर क्रश हुआ हैं पर इसका जवाब नही आज भी हम अच्छे दोस्त हैं उसकी शादी भी हो चुकी सरकारी नौकरी हैं सब कुछ बढ़िया हैं 👍😁

37 Views
You may also like:
💐प्रेम की राह पर-53💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*जिंदगी को वह गढ़ेंगे ,जो प्रलय को रोकते हैं*( गीत...
Ravi Prakash
अप्सरा
Nafa writer
गंगा दशहरा गंगा जी के प्रकाट्य का दिन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रे बाबा कितना मुश्किल है गाड़ी चलाना
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नववर्ष का संकल्प
DESH RAJ
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
💐प्रेम की राह पर-34💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
पापा आप बहुत याद आते हो।
Taj Mohammad
*!* मेरे Idle मुन्शी प्रेमचंद *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
सारी दुनिया से प्रेम करें, प्रीत के गांव वसाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जीने का नजरिया अंदर चाहिए।
Taj Mohammad
*** वीरता
Prabhavari Jha
धार्मिक आस्था एवं धार्मिक उन्माद !
Shyam Sundar Subramanian
भारतवर्ष
AMRESH KUMAR VERMA
चलो जहाँ की रूसवाईयों से दूर चलें
VINOD KUMAR CHAUHAN
*संस्मरण : श्री गुरु जी*
Ravi Prakash
भारत भाषा हिन्दी
शेख़ जाफ़र खान
बुलन्द अशआर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आसान नहीं होता है पिता बन पाना
Poetry By Satendra
पिता
Satpallm1978 Chauhan
वसंत
AMRESH KUMAR VERMA
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
Un-plucked flowers
Aditya Prakash
जीना अब बे मतलब सा लग रहा है।
Taj Mohammad
प्रयास
Dr.sima
" tyranny of oppression "
DESH RAJ
खाली पैमाना
ओनिका सेतिया 'अनु '
तुम चाहो तो सारा जहाँ मांग लो.....
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
रेत समाधि : एक अध्ययन
Ravi Prakash
Loading...