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1 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-308💐

क्यों बुत हो किस मज़हब से हो क्यों नहीं बोलते।
आवाज़ दूँ,सुनो,मेरे मज़हब में तो बुत भी बोलते।।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
49 Views
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