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12 Apr 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-550💐

क्या इन पयामों में कोई मशक़्क़त नहीं है,
क्या तिरे क़दमो में कोई अभी बरकत नहीं है,
हिसाब लगाते रहो पागलो दिमाग़ कहाँ छोड़ा,
मैं फिर कहूँगा तिरे इश्क़ में ताक़त नहीं है।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

नाबालिगों मर जाओ।मुझसे मत कहना कि कुछ नहीं हुआ।

Language: Hindi
138 Views
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