Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-368💐

कोई तरन्नुम लिख रहे हो या गुनगुना रहे हो,
दिल में हमारे हो तो क्या हमें गुनगुना रहे हो,
ये पर्चा कब तक चलेगा, बताओ कब तक,
अंदाज़ हैं सब,कह ही दो हमें गुनगुना रहे हो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
224 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
" शीतल कूलर
Dr Meenu Poonia
बदले नहीं है आज भी लड़के
बदले नहीं है आज भी लड़के
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*सोमनाथ मंदिर 【भक्ति-गीत】*
*सोमनाथ मंदिर 【भक्ति-गीत】*
Ravi Prakash
गीतिका
गीतिका
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
ठहर ठहर ठहर जरा, अभी उड़ान बाकी हैं
ठहर ठहर ठहर जरा, अभी उड़ान बाकी हैं
Er.Navaneet R Shandily
राम-राज्य
राम-राज्य
Bodhisatva kastooriya
गज़ल सी रचना
गज़ल सी रचना
Kanchan Khanna
ज़िंदगी कब उदास करती है
ज़िंदगी कब उदास करती है
Dr fauzia Naseem shad
नहीं हूं...
नहीं हूं...
Srishty Bansal
"हश्र भयानक हो सकता है,
*Author प्रणय प्रभात*
Those who pass through the door of the heart,
Those who pass through the door of the heart,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
भाथी के विलुप्ति के कगार पर होने के बहाने / MUSAFIR BAITHA
भाथी के विलुप्ति के कगार पर होने के बहाने / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
शादी
शादी
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
खंड 8
खंड 8
Rambali Mishra
फितरत जग में एक आईना🔥🌿🙏
फितरत जग में एक आईना🔥🌿🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
ख़ुद को हमने निकाल रखा है
ख़ुद को हमने निकाल रखा है
Mahendra Narayan
जब तुम उसको नहीं पसन्द तो
जब तुम उसको नहीं पसन्द तो
gurudeenverma198
दो शे'र
दो शे'र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
ईश्वरीय फरिश्ता पिता
ईश्वरीय फरिश्ता पिता
AMRESH KUMAR VERMA
संघर्ष
संघर्ष
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
* सत्य,
* सत्य,"मीठा या कड़वा" *
मनोज कर्ण
इन ख़यालों के परिंदों को चुगाने कब से
इन ख़यालों के परिंदों को चुगाने कब से
Anis Shah
पेंशन प्रकरणों में देरी, लापरवाही, संवेदनशीलता नहीं रखने बाल
पेंशन प्रकरणों में देरी, लापरवाही, संवेदनशीलता नहीं रखने बाल
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चोट शब्द की न जब सही जाए
चोट शब्द की न जब सही जाए
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"चाह"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
जब हासिल हो जाए तो सब ख़ाक़ बराबर है
जब हासिल हो जाए तो सब ख़ाक़ बराबर है
Vishal babu (vishu)
थक गये हैं कदम अब चलेंगे नहीं
थक गये हैं कदम अब चलेंगे नहीं
Dr Archana Gupta
नारी
नारी
Prakash Chandra
💫समय की वेदना💫
💫समय की वेदना💫
SPK Sachin Lodhi
Book of the day: धागे (काव्य संग्रह)
Book of the day: धागे (काव्य संग्रह)
Sahityapedia
Loading...