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10 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-37💐

कोई तकलीफ़ न बची है,
उनके एतिबार न करने के सिवाय।
-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
62 Views
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