Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-444💐

कोई ऐसा भी है,जो मिरे दिल में मुनादी करे है,
होश में रहकर ही लुटा हूँ,फिर भी मुनादी करे हैं,
कौन है वो कौन शख़्सियत,जो नाम नहीं बताता,
पूरा क़ाफ़िया है उसका मुझे,फिर भी मुनादी करे है

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
54 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
Ashok deep
💐अज्ञात के प्रति-106💐
💐अज्ञात के प्रति-106💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कान्हा मन किससे कहे, अपने ग़म की बात ।
कान्हा मन किससे कहे, अपने ग़म की बात ।
सूर्यकांत द्विवेदी
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
आओ आज तुम्हें मैं सुला दूं
आओ आज तुम्हें मैं सुला दूं
Surinder blackpen
कभी कम नहीं हो यह नूर
कभी कम नहीं हो यह नूर
gurudeenverma198
*शीत वसंत*
*शीत वसंत*
Nishant prakhar
दिल चाहे कितने भी,
दिल चाहे कितने भी,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बेटी पढ़ायें, बेटी बचायें
बेटी पढ़ायें, बेटी बचायें
Kanchan Khanna
उम्मीदें ज़िंदगी की
उम्मीदें ज़िंदगी की
Dr fauzia Naseem shad
हसरतें हर रोज मरती रहीं,अपने ही गाँव में ,
हसरतें हर रोज मरती रहीं,अपने ही गाँव में ,
Pakhi Jain
लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से
लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से
Shivkumar Bilagrami
संत गाडगे संदेश 5
संत गाडगे संदेश 5
Vijay kannauje
mujhe needno se jagaya tha tumne
mujhe needno se jagaya tha tumne
Anand.sharma
अवसर त मिलनक ,सम्भव नहिं भ सकत !
अवसर त मिलनक ,सम्भव नहिं भ सकत !
DrLakshman Jha Parimal
जै जै जग जननी
जै जै जग जननी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
जनता के आवाज
जनता के आवाज
Shekhar Chandra Mitra
It's not about you have said anything wrong its about you ha
It's not about you have said anything wrong its about you ha
Nupur Pathak
इस धरती पर
इस धरती पर
surenderpal vaidya
■ ख़ुद की निगरानी
■ ख़ुद की निगरानी
*Author प्रणय प्रभात*
आस पड़ोस का सब जानता है..
आस पड़ोस का सब जानता है..
कवि दीपक बवेजा
और प्रतीक्षा सही न जाये
और प्रतीक्षा सही न जाये
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
प्यार नहीं दे पाऊँगा
प्यार नहीं दे पाऊँगा
Kaushal Kumar Pandey आस
#आलिंगनदिवस
#आलिंगनदिवस
सत्य कुमार प्रेमी
*सुविचरण*
*सुविचरण*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
इस दौर में सुनना ही गुनाह है सरकार।
इस दौर में सुनना ही गुनाह है सरकार।
Dr. ADITYA BHARTI
*भरत राम के पद अनुरागी (चौपाइयॉं)*
*भरत राम के पद अनुरागी (चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
उपमान (दृृढ़पद ) छंद - 23 मात्रा , ( 13- 10) पदांत चौकल
उपमान (दृृढ़पद ) छंद - 23 मात्रा , ( 13- 10) पदांत चौकल
Subhash Singhai
मैं उसका ही आईना था जहाँ मोहब्बत वो मेरी थी,तो अंदाजा उसे कह
मैं उसका ही आईना था जहाँ मोहब्बत वो मेरी थी,तो अंदाजा उसे कह
AmanTv Editor In Chief
Loading...