Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

कैसी झमाझम सारी रात हुई….

कैसी झमाझम सारी रात हुई…

बिन मौसम ही बरसात हुई
अँखियों से सारी रात हुई
मन-किसान झूला फाँसी पर
सुख की खेती बरबाद हुई !

पसरा हर सूं गहन अँधेरा
नसीब छला गया क्यूँ मेरा
मुंह फुलाए बैठीं खुशियाँ
हाय ! ऐसी क्या बात हुई !

देखे मन ने अनगिन सपने
सब्र की आँच पर रखे तपने
झुलस गए पर पर ही उनके
क्या सोचा क्या औकात हुई !

मिल क्या-क्या अरमां बोए थे
औ क्या-क्या ख्वाब सँजोए थे
इक न चली किस्मत के आगे
बड़ी ही करारी मात हुई !

उजड़ी बगिया आशाओं की
शुरू कहानी बाधाओं की
मधुर- सुहानी मदमस्त हवा
तूफां औ झंझावात हुई !

बिन मौसम ही बरसात हुई…

कैसी झमाझम सारी रात हुई !

-सीमा अग्रवाल
जिगर कॉलोनी
मुरादाबाद (उ.प्र.)

4 Likes · 8 Comments · 295 Views
You may also like:
अदब से।
Taj Mohammad
शून्य है कमाल !
Buddha Prakash
"शौर्य"
Lohit Tamta
उन शहीदों की कहानी
gurudeenverma198
✍️हिटलर अभी जिंदा है...✍️
"अशांत" शेखर
"बेटी के लिए उसके पिता "
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
समय ।
Kanchan sarda Malu
विसाले यार ना मिलता है।
Taj Mohammad
मैं हो गई पराई.....
Dr.Alpa Amin
फर्ज अपना-अपना
Prabhudayal Raniwal
मौत ने की हमसे साज़िश।
Taj Mohammad
विषय:सूर्योपासना
Vikas Sharma'Shivaaya'
बस एक ही भूख
DESH RAJ
आरजू
Kanchan Khanna
** थोड़े मे **
Swami Ganganiya
मोहब्बत का गम है।
Taj Mohammad
नींदों से कह दिया है
Dr fauzia Naseem shad
मोहब्बत में दिल।
Taj Mohammad
रसीला आम
Buddha Prakash
दीपावली
Dr Meenu Poonia
ईद
Taj Mohammad
हम और... हमारी कविताएँ....
Dr.Alpa Amin
दुआ
Alok Saxena
होना सभी का हिसाब है।
Taj Mohammad
✍️मौत का जश्न✍️
"अशांत" शेखर
【8】 *"* आई देखो आई रेल *"*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पिता
रिपुदमन झा "पिनाकी"
हिरण
Buddha Prakash
गुुल हो गुलशन हो
VINOD KUMAR CHAUHAN
✍️"बारिश भी अक्सर भुख छीन लेती है"✍️
"अशांत" शेखर
Loading...