Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-519💐

न तो मैं वाहियात हूँ और न मेरा वक़्त वाहियात है।
बिल्कुल वक़्त नहीं हैं और बचे मुश्किल सवालात हैं।

**चाहे कभी लिखबा लेना फट्टू**मूर्ख**

कुछ मजबूरियाँ हैं नहीं तो वास्ते पयामों के लिखते रहें,
मेरा दिल कह रहा है कुछ तो वास्ते उनके लिखते रहें,
वक़्त कम है यह मेरी संजीदगी है,सुनो कान खोलकर,
यहीं से देखते हुए उनकी साँसों पर शाइरी लिखते रहें।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
52 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*हिंदी हमारी शान है, हिंदी हमारा मान है*
*हिंदी हमारी शान है, हिंदी हमारा मान है*
Dushyant Kumar
माँ
माँ
Er Sanjay Shrivastava
#व्यंग्य_काव्य
#व्यंग्य_काव्य
*Author प्रणय प्रभात*
हर रंग देखा है।
हर रंग देखा है।
Taj Mohammad
आख़िरी सफऱ
आख़िरी सफऱ
Dr. Rajiv
छह ऋतु, बारह मास हैं, ग्रीष्म-शरद-बरसात
छह ऋतु, बारह मास हैं, ग्रीष्म-शरद-बरसात
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जुनून
जुनून
नवीन जोशी 'नवल'
ना चराग़ मयस्सर है ना फलक पे सितारे
ना चराग़ मयस्सर है ना फलक पे सितारे
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
*अगर आपको चिंता दूर करनी है तो इसका सबसे आसान तरीका है कि लो
*अगर आपको चिंता दूर करनी है तो इसका सबसे आसान तरीका है कि लो
Shashi kala vyas
💐प्रेम कौतुक-446💐
💐प्रेम कौतुक-446💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
वीज़ा के लिए इंतज़ार
वीज़ा के लिए इंतज़ार
Shekhar Chandra Mitra
तू और तुझसे प्रेरित मुसाफ़िर
तू और तुझसे प्रेरित मुसाफ़िर
Skanda Joshi
माँ...की यादें...।
माँ...की यादें...।
Awadhesh Kumar Singh
हिंदी दोहा- महावीर
हिंदी दोहा- महावीर
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
*यहाँ जो दिख रहा है वह, सभी श्रंगार दो दिन का (मुक्तक)*
*यहाँ जो दिख रहा है वह, सभी श्रंगार दो दिन का (मुक्तक)*
Ravi Prakash
बड़ा मायूस बेचारा लगा वो।
बड़ा मायूस बेचारा लगा वो।
सत्य कुमार प्रेमी
आज़माइश
आज़माइश
Dr. Seema Varma
"Strength is not only measured by the weight you can lift, b
Manisha Manjari
मित्र भाग्य बन जाता है,
मित्र भाग्य बन जाता है,
Buddha Prakash
"साजन लगा ना गुलाल"
लक्ष्मीकान्त शर्मा 'रुद्र'
हम
हम
Ankit Kumar
परिचय
परिचय
Pakhi Jain
Kalebs Banjo
Kalebs Banjo
shivanshi2011
Ek galti har roj kar rhe hai hum,
Ek galti har roj kar rhe hai hum,
Sakshi Tripathi
जिसे ये पता ही नहीं क्या मोहब्बत
जिसे ये पता ही नहीं क्या मोहब्बत
Ranjana Verma
रामचरित पे संशय (मुक्तक)
रामचरित पे संशय (मुक्तक)
पंकज कुमार कर्ण
वह दे गई मेरे हिस्से
वह दे गई मेरे हिस्से
श्याम सिंह बिष्ट
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
Ashok deep
जहाँ से आये हो
जहाँ से आये हो
Dr fauzia Naseem shad
मन सीत मीत दिलवाली
मन सीत मीत दिलवाली
Seema gupta,Alwar
Loading...