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13 Jul 2016 · 1 min read

***** “काश्मीर की कली” की घाटी *****

***** काश्मीर की कली की घाटी *****
अलगाववादियों के सँग में, जो आतँकी नृतन करती है,
”काश्मीर की कली” की घाटी, अब देखो क्रन्दन करती है,
धरा का स्वर्ग होती थी जो, अब उसको नरक बना डाला,
नफरत की काली आँधी तो, बस भय का स्पंदन करती है।
*******सुरेशपाल वर्मा जसाला

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
335 Views
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