Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#19 Trending Author
May 6, 2017 · 1 min read

काँटों में खिलो फूल-सम, औ दिव्य ओज लो।

धोकर के मन की कालिख सद्प्रीति खोज लो
कांटो में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो

जिसने भी रक्त चूस सताया है दीन को
धिक्कारो ऐसे जीवन ,उस नर प्रवीण को
भारी है काल सब पर गुरुवाणी रोज लो
कांटो में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो

निज राष्ट्र तब सबल है जब ना दीनता छले
गम,भूख ,द्वंद,,चीखों, औ घुटन के सिलसिले
दूर हों समाज से उपाय ऐसे खोज लो
कांटों में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो

मनुजता-सुबोध चासनी का पान कीजिए
नेह-रूपमय हृदय ना अब विराम लीजिए
सघन एकता के राग का अमल सरोज लो
कांटों में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो
—————————————————–

बृजेश कुमार नायक
जागा हिंदुस्तान चाहिए एवं क्रौंच सुऋषि आलोक कृतियों के प्रणेता
06-05-2017
●”जागा हिंदुस्तान चाहिए” कृति का गीत।

●इस गीत को “जागा हिंदुस्तान चाहिए” काव्य संग्रह के द्वितीय संस्करण के अनुसार परिष्कृत किया गया है।
●”जागा हिंदुस्तान चाहिए” काव्य संग्रह का द्वितीय संस्करण अमेजोन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

चोज=सुभाषित

1 Like · 1 Comment · 438 Views
You may also like:
निज सुरक्षित भावी
AMRESH KUMAR VERMA
💐"गीता= व्यवहारे परमार्थ च तत्वप्राप्ति: च"💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
एक बावली सी लड़की
Faza Saaz
ईश्वर ने दिया जिंन्दगी
Anamika Singh
जिन्दगी से शिकायत न रही
Anamika Singh
✍️कुछ हंगामा करना पड़ता है✍️
'अशांत' शेखर
और जीना चाहता हूं मैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
एक मुद्दत से।
Taj Mohammad
आप तो आप ही हैं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बचे जो अरमां तुम्हारे दिल में
Ram Krishan Rastogi
✍️बहोत गर्मी है✍️
'अशांत' शेखर
अपने मंजिल को पाऊँगा मैं
Utsav Kumar Aarya
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सम्भल कर चलना ऐ जिन्दगी
Anamika Singh
स्वयं में एक संस्था थे श्री ओमकार शरण ओम
Ravi Prakash
✍️मुझे कातिब बनाया✍️
'अशांत' शेखर
कर्म करो
Anamika Singh
ग़ज़ल -
Mahendra Narayan
जागीर
सूर्यकांत द्विवेदी
वक्त की चौसर
Saraswati Bajpai
पिता की अभिलाषा
मनोज कर्ण
तुमसे इस तरह नफरत होने लगी
gurudeenverma198
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
रक्षा के पावन बंधन का, अमर प्रेम त्यौहार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
वृक्ष थे छायादार पिताजी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
परिस्थितियों के आगे न झुकना।
Anamika Singh
✍️नोटबंदी✍️
'अशांत' शेखर
नफ़्स
निकेश कुमार ठाकुर
पैसा पैसा कैसा पैसा
विजय कुमार अग्रवाल
मज़ाक।
Taj Mohammad
Loading...