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5 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-343💐

कहो कुछ तो कहाँ महफ़ूज़ बैठे हो,
पयाम लिखकर भी क्यों रूठे बैठे हो,
कभी हमारी सुनो कुछ अपनी कहो,
कहीं नहीं हो बस मेरे दिल में बैठे हो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
87 Views
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