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1 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-304💐

कहाँ कोई तमन्ना कब बाक़ी रही,क्या करें।
जब उनकी नज़र ही साक़ी न रही,क्या करें।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
49 Views
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