Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jul 2022 · 1 min read

कहते हैं न….

कोई पिछड़ा
अपनापन ही
कोई बिखरा
वो भी अपनापन ही
लोग कहते हैं न
वो पराया है
साथ नहीं देंगे
कहते हैं उम्मीद है…
तो सब किरण भी
दीप ही जलती पर
बूझती भी है तो
सब ख़ाक !

जग को कहें
मैं कुछ नहीं
लेकिन सच में
मानों…
वो ही ख़ास
और कहे
सबकुछ तो आप
ये तो भाई
समझो
उनका बड़प्पन है
क्या है ज़माना!
जिनका हुँकार है
वहीं ज़िन्दा है
जिनका नहीं
है पर अस्तित्व नहीं
वो कोई कुछ भी नहीं
ताने निन्दा शृंगार
है पर, पर, है ही नहीं
भला क्या!
बस कहते ही है

कहता हूँ
बस सुना हूँ
पता है
तब ही कहता हूँ
नहीं तो
आजकल कहते लोग
कहाँ है…
बस रोड़ा‌ बनते हैं
सहोदर में देखा
मैंने परायापन
हमसफ़र की सीढ़ी में
त्रिकोण कहां चौकोण कहां
बस रही‌ वृत्ताकार
अब वो भी‌ नहीं
बस-बस द्वि कोण
कहते हैं न
आभार या आधार
नव्य सृजन भी
वहीं विष‌ वहीं है
सिर्फ बचा राख
मैली-सी, कलंक-सी
बंधते औरों को
ख़ुद न ब्रह्म सम्राट
कुछ और कहूँ
नहीं छोड़ों
थक गया हूँ
बस यहीं समझो
आकार न ही है
देखता हूँ सिर्फ़ प्रकार

लेखक :- वरुण सिंह गौतम
#VarunSinghGautam

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 185 Views
You may also like:
मुहब्बतनामा
shabina. Naaz
नेता बनि के आवे मच्छर
आकाश महेशपुरी
फूल तो सारे जहां को अच्छा लगा
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
गणपति वंदना (कैसे तेरा करूँ विसर्जन)
Dr Archana Gupta
ये बारिश का मौसम
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मित्र मिलन
जगदीश लववंशी
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
भाव अंजुरि (मैथिली गीत)
मनोज कर्ण
जन्म दिन का खास तोहफ़ा।
Taj Mohammad
✍️दूरियाँ वो भी सहता है ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
धन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
✍️✍️कश्मकश✍️✍️
'अशांत' शेखर
एक सुन्दरी है
Varun Singh Gautam
जिंदगी से यूं मलाल कैसा
Seema 'Tu hai na'
प्रवाह में रहो
Rashmi Sanjay
ये आंसू
Shekhar Chandra Mitra
*माँ यह ही अरदास (हिंदी गजल/दोहा गीतिका)*
Ravi Prakash
“ पहिल सार्वजनिक भाषण ”
DrLakshman Jha Parimal
बरसात और तुम
Sidhant Sharma
रास्ता
Anamika Singh
ज़िंदगी, ज़िंदगी ही होती है
Dr fauzia Naseem shad
पता नहीं तुम कौनसे जमाने की बात करते हो
Manoj Tanan
जीभ/जिह्वा
लक्ष्मी सिंह
दुर्योधन कब मिट पाया :भाग:41
AJAY AMITABH SUMAN
भरमा रहा है मुझको तेरे हुस्न का बादल।
सत्य कुमार प्रेमी
जर्जर विद्यालय भवन की पीड़ा
Rajesh Kumar Arjun
भक्तिरेव गरीयसी
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
माता-पिता
Saraswati Bajpai
मेरे 20 सर्वश्रेष्ठ दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मै भी हूं तन्हा, तुम भी हो तन्हा
Ram Krishan Rastogi
Loading...