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14 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-117💐

कहते रहें वो कहते रहें कुछ भी वास्ते मेरे,
मैं हूँ दिल उनका, वो हैं दिल मेरे।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
1 Like · 52 Views
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