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Sep 5, 2017 · 1 min read

कश्तियाँ …

कश्तियाँ …

हौसला करते न वो ग़र होती खबर तूफ़ान की l
पंखों से कह देते न करना चाहतें आसमान की l
पथरीले बहुत हैं ज़िंदगी की हकीकत के रास्ते –
तोड़ देते हैं समंदर सभी कश्तियाँ अरमान की l

सुशील सरना

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