Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jun 2016 · 1 min read

कवि नहीं हूँ

लिखता हूँ पर कवि नहीं हूँ।
दिखता हूँ पर सही नहीं हूँ।
कुछ घाव गहरे लिए बैठा हूँ
पर होंठों को में सिए बैठा हूँ।
घायल हूँ तभी लिखता हूँ
लिखता हूँ पर कवि नहीं हूँ।

Language: Hindi
Tag: कविता
521 Views
You may also like:
और न साजन तड़पाओ अब तुम
Ram Krishan Rastogi
बद्दुआ
Harshvardhan "आवारा"
Gazal
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
तू है ना'।।
Seema 'Tu hai na'
अनवरत सी चलती जिंदगी और भागते हमारे कदम।
Manisha Manjari
अपने घर से हार गया
सूर्यकांत द्विवेदी
गुुल हो गुलशन हो
VINOD KUMAR CHAUHAN
आज काल के नेता और उनके बेटा
Harsh Richhariya
अल्लादीन का चिराग़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सदियों की गुलामी
Shekhar Chandra Mitra
कैसे कितने चेहरे बदलकर
gurudeenverma198
*लड़कियाँ (गीतिका)*
Ravi Prakash
बाबा अब जल्दी से तुम लेने आओ !
Taj Mohammad
जातिगत जनगणना से कौन डर रहा है ?
Deepak Kohli
नन्हें फूलों की नादानियाँ
DESH RAJ
बात किसी और नाम किसी और का
Anurag pandey
३५ टुकड़े अरमानों के ..
ओनिका सेतिया 'अनु '
भोजपुरिया दोहा दना दन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नफरत के कांटे
shabina. Naaz
इश्क
Anamika Singh
💐तत्वप्राप्ति: तथा मनुष्यस्य शरीर:💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
गुफ़्तगू का ढंग आना चाहिए
अश्क चिरैयाकोटी
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
जो व्यक्ति
Dr fauzia Naseem shad
✍️राहे-ए-जिंदगी✍️
'अशांत' शेखर
जो इश्क मुकम्मल करते हैं
कवि दीपक बवेजा
मयखाने
Vikas Sharma'Shivaaya'
*if my identity is lost
DR ARUN KUMAR SHASTRI
✍️अकेले रह गये ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
दिल पे क्या क्या गुज़री ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
Loading...