Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jul 2020 · 1 min read

गिरधर तुम आओ

गिरधर तुम आओ
————: :————–
ज़ुल्म हो रहा है, सितम हो रहा है
सड़क पर सुता का ,हरण हो रहा है ।
बेटी हो अपनी , अगर हो पराई
समझों तुम अपनी, नहीं थी बुराई
नज़रों में प़ाकी , दिलों में सफाई
बरसती नियामत, बिखरती खुदाई
मगर आज देखो ,क्या हो रहा है ,
मानव के अन्तर , असुर सो रहा है ।
महफूज़ पी घर ,न महफूज़ बाबुल
निगेहवां देखें , जाती है मंजिल
भंवर बीच कश्ती, सहमा है साहिल
किनारे पर बैठे , कामुक वो कातिल
सुनाए फरियाद , गज़ब हो रहा है ,
मर्यादा का गुलशन,महक खो रहा है।
खोय जो अस्मत ,पीर होती पर्वत
इज्ज़त तो इज्ज़त है ,बहन या नर्तक
पल -पल है रोती , मरती है ताकत
जहां क्या जाने , जननी की गुर्बत
गिरधर तुम आओ, अरज हो रहा है ,
सिर कट का नारा, बुलंद हो रहा है।
गैरों की रस्में , छोड़ों ए यारों
कन्हा की विरासत, संभालों कुम्हारों
दानव की वृत्तियां, अब तुम सुधारों
सनातन की शिक्षा ,धरा पर उतारो
कलयुगी मती का , क्षरण हो रहा है,
गौतम का प्यारा , चमन रो रहा है ।
——————-: :———————
रचनाकार- शेख जाफर खान

Language: Hindi
Tag: कविता
11 Likes · 8 Comments · 574 Views
You may also like:
संकुचित हूं स्वयं में
Dr fauzia Naseem shad
चिलचिलती धूप
Nishant prakhar
पायल बोले छनन छनन - देवी गीत
Ashish Kumar
✍️संस्कारो से सादगी तक
'अशांत' शेखर
कहानियां
Alok Saxena
समंदर की चेतावनी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सेमल
लक्ष्मी सिंह
తెలుగు
विजय कुमार 'विजय'
ग़ज़ल
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
एक छोटी सी बात
Hareram कुमार प्रीतम
मुकरिया__ चाय आसाम वाली
Manu Vashistha
पहचान
Dr.S.P. Gautam
" क्या विरोधी ख़ेमे को धराशायी कर पायेगा ब्रह्मास्त्र ?...
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
जिंदगी की डगर में मुझको
gurudeenverma198
बेटियों की जिंदगी
AMRESH KUMAR VERMA
कुंडलिया छंद ( योग दिवस पर)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
"लाड़ली रानू"
Dr Meenu Poonia
आओ पितरों का स्मरण करें
Kavita Chouhan
एकलव्य:महाभारत का महाउपेक्षित महायोद्धा
AJAY AMITABH SUMAN
फरेबी दुनिया की मतलब प्रस्दगी
Umender kumar
ग़ज़ल -
Mahendra Narayan
सावन आया
HindiPoems ByVivek
*सर्दी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
पिता
Abhishek Pandey Abhi
नया दौर है सँभल
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चुप्पी तोड़ो
Shekhar Chandra Mitra
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
सुंदर सृष्टि है पिता।
Taj Mohammad
दिन जल्दी से
नंदन पंडित
आओ तुम
sangeeta beniwal
Loading...