Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

कविता को बख्श दो कारोबार मत बनाओ।

गज़ल

221…2122….221….2122
कविता को बख्श दो कारोबार मत बनाओ।
साहित्य है ये कविता ब्यापार मत बनाओ।

मंचों का दे के लालच पैसे जो ऐंठते हैं,
ये हैं कलम के योधा लाचार मत बनाओ।

माना कि तुम बड़े हो, बैठे हो कर के कब्जा,
कब्जा गलत है इसको अधिकार मत बनाओ।

ऐसा न हो कि तुमको, ये रोग लील जाएं,
अनजाने में भी इसको, तुम प्यार मत बनाओ।

जोड़ा इधर से इसको, उसको उधर से फोड़ा,
पैसे के दम पे केवल, सरकार मत बनाओ।

कविता उपासना है, आराधना कलम की,
कविता को लूटने का हथियार मत बनाओ।

मां वाणी की कृपा है, कविता के जो हैं प्रेमी,
साहित्य की है दुनियां, घरबार मत बनाओ।

…….✍️ सत्य कुमार प्रेमी

23 Views
You may also like:
जिदंगी के कितनें सवाल है।
Taj Mohammad
एहतराम करते है।
Taj Mohammad
अरदास
Vikas Sharma'Shivaaya'
रसिया यूक्रेन युद्ध विभीषिका
Ram Krishan Rastogi
*बुरे फँसे कवयित्री पत्नी पाकर (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
साजन जाए बसे परदेस
Shivkumar Bilagrami
अधुरा सपना
Anamika Singh
विभाजन की विभीषिका
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
किसी के मेयार पर
Dr fauzia Naseem shad
पंचशील गीत
Buddha Prakash
*ए.पी. जे. अब्दुल कलाम (गीतिका)*
Ravi Prakash
कभी ज़मीन कभी आसमान.....
अश्क चिरैयाकोटी
“ सभक शुभकामना बारी -बारी सँ लिय ,आभार व्यक्त करबा...
DrLakshman Jha Parimal
चंदा मामा
Dr. Kishan Karigar
गंगा दशहरा गंगा जी के प्रकाट्य का दिन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
✍️✍️गुमराह✍️✍️
"अशांत" शेखर
रुतबा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
गीत ग़ज़लें सदा गुनगुनाते रहो।
सत्य कुमार प्रेमी
मत कहो भगवान से
Meenakshi Nagar
तपिश
SEEMA SHARMA
पिता
Rajiv Vishal
उड़ी पतंग
Buddha Prakash
मैं धरती पर नीर हूं निर्मल, जीवन मैं ही चलाता...
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
फिजूल।
Taj Mohammad
पूरी करता घर की सारी, ख्वाहिशों को वो पिता है।
सत्य कुमार प्रेमी
शिक्षा पर अशिक्षा हावी होना चाहती है - डी के...
डी. के. निवातिया
आंधियां आती हैं सबके हिस्से में, ये तथ्य तू कैसे...
Manisha Manjari
*कथावाचक श्री राजेंद्र प्रसाद पांडेय 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
सद्आत्मा शिवाला
Pt. Brajesh Kumar Nayak
वो इश्क है किस काम का
Ram Krishan Rastogi
Loading...