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Sep 5, 2017 · 1 min read

== करना ही होगा ==#

*** करना ही होगा ***

न जाने हम अपने धर्म को कितना जानते हैं आजकल।
उसके विषय पर बात करना हंसी-खेल मानते हैं आजकल।
देवी-देवताओं के कार्टून बनाते हैं
और आरतियों भजनों की पैरोडी,
व्हाटस एप, फेसबुक पर अनर्गल चित्र व चलचित्र दिखाते हैं आजकल।
भगवान् को हास्य व्यंग्य का एक पात्र, दिखाते हैं आजकल।
क्या किसी भी धर्म के अनुयायी
इस तरह का अधम कृत्य करते हैं,
स्व धर्म के लिए??
या किसी अन्य को भी इस तरह का, अधिकार देते हैं??
नहीं ना?
यह सही है उनका कृत्य,
अपने धर्म का सम्मान व रक्षा के लिए।
हमें समझनी होगी अपने धर्म की अहमियत।
क्यों कि हम अपने धर्म को इज्जत देना,
बिसरा चुके हैं आजकल।
आप ही स्वयं को अपनी नजरों में,
गिरा चुके हैं आजकल।

—-रंजना माथुर दिनांक 20/08/2017
(मेरी स्व रचित व मौलिक रचना)
©

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