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6 Jun 2022 · 1 min read

और जीना चाहता हूं मैं

जब मर जाता है कोई
तारीफ तभी होती है
उस आदमी की अच्छाई
सबको तभी दिखती है

हैरान हूं इस दस्तूर से
ऐसा क्यों होता है
जो जानता भी नहीं
वो भी आंसू बहाता है

काश ऐसा प्यार हम
जीवित लोगों पर दिखाएं
उनकी खूबियां खुद
हम उनको ही बताएं

महसूस करे जो अकेला
उसको थोड़ा वक्त दे पाएं
किसी के बारे में बिना जाने
हम अफवाहें न फैलाएं

है वो भी बहन बेटी या
बाप भाई किसी का
बिना बात हम तिरस्कार
न करें कभी किसी का

मरकर महान नहीं
बनना चाहता हूं मैं
अभी और ये ज़िंदगी
जीना चाहता हूं मैं।

Language: Hindi
Tag: कविता
14 Likes · 8 Comments · 361 Views
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