Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jun 2022 · 2 min read

ऐ वक्त ठहर जा जरा सा

ऐ वक्त ठहर जा जरा सा
बड़ी दुआओं और मन्नतों से मिली है
मुझे यह पगली सी लड़की
जो सोई है मेरी गोद में अपना सर रखकर
किसी अबोध बच्चे की तरह
सोने दो, इसके इस तरह से सोने से
मेरा कण-कण जैसे जी उठा है

ऐ! सूरज,चांद,तारों को चलाने वाले परिचारक
आज कुछ पल को तुम भी थोड़ा विश्राम कर लो
छोड़ दो सबको अपनी अपनी जगह चांद और सूरज को
मत जलाओ बुझाओ किसी भी तारे को
मैं चाहता हूं कि जब इसकी आंख खुले तो चांद जल्दी से छुप
जाए सूरज अलसाते हुए उठे
जब यह आंख खोले तो फूल खिलना शुरू करें
जब मेरी गोदी से सर उठा कर
अलसाते हुए मेरे कंधे पर सर टिका कर बैठे
तो धीरे-धीरे धुंध छटे
इसके पहले कोई मुर्गा बाग ना दे
हवा फूलों की खुशबू मेरे कमरे तक ना ले आए
जिससे कि इसकी नींद खराब हो
मैं चाहता हूं कि यह खुद उठकर बादलों को नारंगी और सिंदूरी रंग से सजाए,
फूलों में अपनी पसंद से खुशबू भरे
तितलियाें में रंग भरे और उन्हें मुक्त कर दे उड़ने के लिए
मैं चाहता हूं कि यह अपनी मीठी सी आवाज से परिंदों को जगाए
कि वे सुबह की हवा में अपने मीठे स्वर को मिलाकर दिन का आगाज करें
मैं चाहता हूं कि यह जुगनुओं को यह बता कर वापस बुला ले कि
रात ढल गई है और फिर शाम को लौट कर रात को रोशन करने जाना है
पर इससे पहले….. इससे पहले
यह यूँ ही मेरी गोद में सोई रहे
और मैं शदियों तक इसी तरह इसे देखता रहूं
और इसके बालों में अपनी उंगलियां फेरता रहूं
यह पल यूं ही रुक जाए, थम जाए, ठहर जाए, सदियों के लिए
ताकि हमें कोई जुदा ना कर सके
ताकि हमें कोई जुदा ना कर सके

Language: Hindi
3 Likes · 161 Views
You may also like:
गाछ (लोकमैथिली हाइकु)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
" आपके दिल का अचार बनाना है ? "
DrLakshman Jha Parimal
जीवन अस्तित्व
Shyam Sundar Subramanian
पैसा बोलता है...
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
हिन्दू साम्राज्य दिवस
jaswant Lakhara
माँ का अनमोल प्रसाद
राकेश कुमार राठौर
रावण राज
Shekhar Chandra Mitra
मोहन
मोहन
बारिश का सुहाना माहौल
★ IPS KAMAL THAKUR ★
पंचशील गीत
Buddha Prakash
*दीपावली का चंदा (कहानी)*
Ravi Prakash
फ़नकार समझते हैं Ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
" बावरा मन "
Dr Meenu Poonia
तेरा ख्याल।
Taj Mohammad
దీపావళి జ్యోతులు
विजय कुमार 'विजय'
जवानी में तो तुमने भी गजब ढाया होगा
Ram Krishan Rastogi
#हे__प्रेम
Varun Singh Gautam
अद्भभुत है स्व की यात्रा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जय जय तिरंगा
gurudeenverma198
"आज बहुत दिनों बाद"
Lohit Tamta
✍️....और क्या क्या देखना बाकी है।✍️
'अशांत' शेखर
गुणगान क्यों
spshukla09179
जिंदगी
लक्ष्मी सिंह
धरती से मिलने को बादल जब भी रोने लग गया।
सत्य कुमार प्रेमी
तितली
Manshwi Prasad
मुहब्बत और जंग
shabina. Naaz
बदलती दुनिया
AMRESH KUMAR VERMA
ये मुनासिब नहीं
Dr fauzia Naseem shad
भोर का नवगीत / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ख्वाब को बाँध दो
Anamika Singh
Loading...