Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Apr 2022 · 1 min read

बेटी की मायका यात्रा

घड़ियां खत्म हो गई इंतजार की
खुशी के पल ठहरेंगे ये एहसास
देखते ही आई रौनक चेहरे पर
मन खुशी से झूमता ये एहसास

हंसते मुस्कुराते बातें करते
अपनी कहने सुनने का एहसास
गम न गम का निशान बाकी
हर पल जिंदगी जीने का एहसास

पापा भैय्या का प्यार भरा सानिध्य
भाभी मनभावन दुलार का एहसास
मां होती तो,कहने का मौका न मिला
ममत्व सागर मे डूबने का एहसास

बच्चों की खिलखिलाहट हंसी हंगामा
बेफिक्र जिंदगी जीने का एहसास
घूमने के लिए जाना और आना
सुहाना सफर जिंदगी ऐसा एहसास

न भूलूंगी घर आंगन चौबारे को
दिल मे रहेगा संस्कारों का एहसास
खेत उपजाऊ पानी मीठा मिला
बो चुकी प्रेम बीज होगा एहसास

वक्त बिदाई का हो गई आंखे नम
मिल के बिछड़ने का एहसास
फिर मिलने के लिए बिछड़ रहे
आस पर विश्वास का एहसास

आए थे यहां रुके,चले भी गये
दुख सुख के संगम का एहसास
यथार्थ व्यथा का लेखा जोखा
कलम से कागज पे उतरा एहसास

स्वरचित
मौलिक
सर्वाधिकार सुरक्षित
अश्वनी कुमार जायसवाल कानपुर

Language: Hindi
Tag: कविता
3 Likes · 8 Comments · 245 Views
You may also like:
जीवन
Mahendra Narayan
गलती का समाधान----
सुनील कुमार
💐"गीता= व्यवहारे परमार्थ च तत्वप्राप्ति: च"💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
काश उसने तुझे चिड़ियों जैसा पाला होता।
Manisha Manjari
# बारिश का मौसम .....
Chinta netam " मन "
वक्त
लक्ष्मी सिंह
कबीर की आग
Shekhar Chandra Mitra
कहने से
Rakesh Pathak Kathara
कलम की ताकत
Seema gupta ( bloger) Gupta
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
भूख (मैथिली काव्य)
मनोज कर्ण
पैसा
Kanchan Khanna
"शुभ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी" प्यारे कन्हैया बंशी बजइया
Mahesh Tiwari 'Ayen'
★ हिन्दू हूं मैं हिन्दी से ही मेरी पहचान है।...
★ IPS KAMAL THAKUR ★
रूको भला तब जाना
Varun Singh Gautam
तू बोल तो जानूं
Harshvardhan "आवारा"
जब पिया घर नही आए
Ram Krishan Rastogi
मैथिलीमे चारिटा हाइकु
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
भूख
Sushil chauhan
विद्यालय
श्री रमण 'श्रीपद्'
लड़के और लड़कियों मे भेद-भाव क्यों
Anamika Singh
✍️दो पंक्तिया✍️
'अशांत' शेखर
उपदेश से तृप्त किया ।
Buddha Prakash
गुरु के अनेक रूप
ओनिका सेतिया 'अनु '
वतन ही मेरी ज़िंदगी है
gurudeenverma198
गजल क्या लिखूँ कोई तराना नहीं है
VINOD KUMAR CHAUHAN
आदरणीय अन्ना हजारे जी दिल्ली में जमूरा छोड़ गए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता है भावनाओं का समंदर।
Taj Mohammad
*सदा तुम्हारा मुख नंदी शिव की ही ओर रहा है...
Ravi Prakash
तमन्नाओं का संसार
DESH RAJ
Loading...