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एक तुम्हारा नाम

तुम जिन्दा रहोगी हर पल इस अज़ीब से रूह में!
क्यों कि जिन्दा ‘था’ मै तेरे जीने के तरीकों में!
अग़र इतिहास लिखा गया मेरी ऊचाईयों का तो!
एक तुम्हारा नाम लिखा होंगा शरुआती पन्नों में!!
–सीरवी प्रकाश पंवार

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