Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 31, 2016 · 1 min read

एक गुंचा…..

एक गुंचा
(२१२ x ३ )
क्यूँ हवा में ज़हर हो गया
हर शजर बेसमर हो गया !!१ !!

एक लम्हा राह में था खड़ा
याद में वो खंडर हो गया !!२!!

भर गया ज़ख्म कैसे भला
किस दुआ का असर हो गया !!३!!

आँख से जो गिरा टूट कर
दर्द वो एक सागर हो गया !!४!!

गुमशुदा था शहर आज तक
जल के वो इक खबर हो गया !!५!!

एक गुंचा क्या खिला बाग़ में
ख्वाब का वो एक घर हो गया !!६!!
sushil sarna

2 Comments · 189 Views
You may also like:
बुंदेली दोहा शब्द- थराई
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
इन ख़यालों के परिंदों को चुगाने कब से
Anis Shah
उसका नाम लिखकर।
Taj Mohammad
बिल्ली हारी
Jatashankar Prajapati
✍️✍️याद✍️✍️
"अशांत" शेखर
मेरे पापा।
Taj Mohammad
पुस्तक समीक्षा- बुंदेलखंड के आधुनिक युग
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
मयंक के जन्मदिन पर बधाई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चल अकेला
Vikas Sharma'Shivaaya'
बनकर जनाजा।
Taj Mohammad
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
# स्त्रियां ...
Chinta netam " मन "
माँ बाप का बटवारा
Ram Krishan Rastogi
पिता
Saraswati Bajpai
पुस्तक समीक्षा
Rashmi Sanjay
दिया
Anamika Singh
भारत बनाम (VS) पाकिस्तान
Dr.sima
चमचागिरी
सूर्यकांत द्विवेदी
ईश्वरतत्वीय वरदान"पिता"
Archana Shukla "Abhidha"
हिन्दू साम्राज्य दिवस
jaswant Lakhara
"Happy National Brother's Day"
Lohit Tamta
रिश्तों की अहमियत को न करें नज़र अंदाज़
Dr fauzia Naseem shad
दिल की सुनाएं आप जऱा लौट आइए।
सत्य कुमार प्रेमी
एक वीरांगना का अन्त !
Prabhudayal Raniwal
''प्रकृति का गुस्सा कोरोना''
Dr Meenu Poonia
अजब कहानी है।
Taj Mohammad
हैं पिता, जिनकी धरा पर, पुत्र वह, धनवान जग में।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
अपराधी कौन
Manu Vashistha
लिहाज़
पंकज कुमार "कर्ण"
नारियां
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...