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उस पार

चल उठ,
नया आकाश,
राह तके ..
जीवन की नैया को
पार लगा
उस पार
जंहा मानवता का
मानवता से प्रेम है..
इंसानो की भीड़ में,
ना कोई अकेला
ना कोई दुखियारा
बस ..
आनंद प्रेम मौन है..
सबसे आगे कौन है
आनंद प्रेम मौन है ….
.
.
प्रोफ़ेसर दिनेश किशोर गुप्ता
8007179747

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