Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 18, 2022 · 1 min read

उलझनें_जिन्दगी की

उलझनें_जिन्दगी की
(सुशांत सिंह राजपूत)
~~°~~°~~°
जहां की खुशियाँ चुराने चले थे ,
मगर आँखों ने छल किया ।
सुधा की खोज में निकले थे चाँद तक,
मगर हलाहल ही मिला।

खुशबू फैला था जो चहुंओर ,
वो सांसों को पसंद नहीं ।
नजरों को पसंद था जो ,
उसे दिल ने इन्कार किया ।

मोहब्बत निभाने को अब,
फरिश्ते उतरते हैं धरती पर कहाँ।
गुनहगार किसको कहे ,
गुनाह तो करते हैं सब यहाँ ।

उलझनें बढ़ती गई दिन-ब-दिन ,
चैन-ए-सुकून था भी कहाँ ।
जो अपने थे दिल में कभी ,
अब लगते थे,पराये वो यहाँ ।

उल्फत के तराने गाते रहे यूँ जीवन भर ,
मगर अल्फाज खामोश ही रहे ।
गमों को भुलाने की कोशिश की तो ,
अरमां सुलगते ही रहे ।

मौलिक एवं स्वरचित
सर्वाधिकार सुरक्षित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – १८ /०६ /२०२२
आषाढ़, कृष्ण पक्ष,पंचमी ,शनिवार ।
विक्रम संवत २०७९
मोबाइल न. – 8757227201
ई-मेल – mk65ktr@gmail.com

5 Likes · 6 Comments · 260 Views
You may also like:
गंगा माँ
Anamika Singh
इंसान जीवन को अब ना जीता है।
Taj Mohammad
चंचल धूप "
Dr Meenu Poonia
जिन्दगी।
Taj Mohammad
✍️तंगदिली✍️
'अशांत' शेखर
एक शहीद की महबूबा
ओनिका सेतिया 'अनु '
✍️रात साजिशों में है✍️
'अशांत' शेखर
माई री [भाग२]
Anamika Singh
यादें आती हैं
Krishan Singh
जीवन और मृत्यु
Anamika Singh
दोहा छंद- पिता
रेखा कापसे
दोस्ती का हर दिन ही
Dr fauzia Naseem shad
✍️नशा और शौक✍️
'अशांत' शेखर
राम भरोसे (हास्य व्यंग कविता )
ओनिका सेतिया 'अनु '
जब भी देखा है दूर से देखा
Anis Shah
ज़िद
Harshvardhan "आवारा"
मेरी ये जां।
Taj Mohammad
बहते अश्कों से पूंछो।
Taj Mohammad
✍️कल के सुरज को ✍️
'अशांत' शेखर
छुट्टी वाले दिन...♡
Dr.Alpa Amin
ईश्वर की जयघोश
AMRESH KUMAR VERMA
मुझमें भारत तुझमें भारत
Rj Anand Prajapati
दोहे
सूर्यकांत द्विवेदी
सबको जीवन में खुशियां लुटाते रहे।
सत्य कुमार प्रेमी
ए- वृहत् महामारी गरीबी
AMRESH KUMAR VERMA
आजादी का दौर
Seema Tuhaina
आखिर क्यों... ऐसा होता हैं 
Dr.Alpa Amin
एक कतरा मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
बारिश
AMRESH KUMAR VERMA
हक़ीक़त ने किसी ख़्वाब की
Dr fauzia Naseem shad
Loading...