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Jun 7, 2022 · 1 min read

उम्रें गुज़र गई हैं।

उम्रें गुज़र गयी है इश्क को निभाने में।
मुकम्मल ना हुआ यह किसी जमाने में।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

2 Likes · 2 Comments · 99 Views
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