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3 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-327💐

उन्हें देखा नजरों को बाग़ नज़र आया,
फिर देखा फिर देखा चाँद नज़र आया,
तरक़ीब क्या है शक्ल बदलने की,कहिए,
क्या करें,जर्रा जर्रा उनका ही नज़र आया।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
61 Views
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