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17 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-461💐

उनके पयामों की लम्बी सफ़ है लगी,
मिरी नज़र देखकर उन्हें बहकने लगी,
बुत बन गया हूँ पर साँस चल रहीं हैं,
उनकी रंगत मिरी रंगत पर चढ़ने लगी।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
81 Views
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