Sep 14, 2016 · 1 min read

इश्क़ का फलसफ़ा

मुहब्बत तो इबादत है तिजारत इसको मत कहिए
ये जज़बाती हक़ीक़त है ज़रूरत इसको मत कहिए
‘चिराग़’इस दिल के काग़ज़ पर लिखे हैं आंसुओं से जो
ये हैं जज़्बात रूहानी इबारत इसको मत कहिए

चिराग़ बैसवारी

130 Views
You may also like:
महका हम करेंगें।
Taj Mohammad
खस्सीक दाम दस लाख
Ranjit Jha
मैं
Saraswati Bajpai
इश्क़ में क्या हार-जीत
N.ksahu0007@writer
'माँ मुझे बहुत याद आती हैं'
Rashmi Sanjay
भारतवर्ष स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
🍀🌺परमात्मा सर्वोपरि🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
【19】 मधुमक्खी
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पितृ महिमा
मनोज कर्ण
हमारे पापा
पाण्डेय चिदानन्द
हम भी है आसमां।
Taj Mohammad
समय के पंखों में कितनी विचित्रता समायी है।
Manisha Manjari
*कलम शतक* :कवि कल्याण कुमार जैन शशि
Ravi Prakash
सूरज का ताप
सतीश मिश्र "अचूक"
माँ
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरे पापा।
Taj Mohammad
दो शरारती गुड़िया
Prabhudayal Raniwal
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
🌺प्रेम की राह पर-52🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सतुआन
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
विरह वेदना जब लगी मुझे सताने
Ram Krishan Rastogi
पिता
pradeep nagarwal
मां तो मां होती है ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
अभिलाषा
Anamika Singh
"ज़िंदगी अगर किताब होती"
पंकज कुमार "कर्ण"
यह कैसा एहसास है
Anuj yadav
क्यों ना नये अनुभवों को अब साथ करें?
Manisha Manjari
शब्द नही है पिता जी की व्याख्या करने को।
Taj Mohammad
चिंता और चिता
VINOD KUMAR CHAUHAN
Loading...