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इश्क

किसी दिल से नहीं करना कभी औकात की बातें,
जब रिश्ते टूट जाते हैं तो उन हसीं रात की बातें,
इन दो लभो के दर्मियां जो भी गुफ्तगू हो जाये आज,
बस वहीं है इजहार की बातें,वहीं है प्यार की बातें।

कवि अभिषेक पाण्डेय

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