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25 Feb 2017 · 1 min read

इश्क की महिमा

तेरी बेवफाई से भी हमने इतना प्यार किया है,
तुमने पत्थर भी मारा, बदले में फूल ही दिया हैं।। १

ये इश्क की बीमारी सनम होती ही है ऐसी,
जिसने भी किया है, वो मर-मरके जिया हैं।। २

इन हसीनाओं ने देखो क्या करिश्मा किया है,
चैन से न जीने दिया है, न मरने दिया हैं।। ३

ख़ुदा भी क्या अब तो सम्भालेगा हमको,
खुद ख़ुदा ने ही जिनको ये हुनर दिया हैं।। ४

इस “ज़ालिम” इश्क से बचकर रहना मेरे यारों,
जिसने पागल से भी ज्यादा हमको पागल किया हैं।। ५

शंकर “ज़ालिम”

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