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17 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-458💐

इक सूखती डाल सा तोहमत लगाया गया,
मेरे सनम से कभी खुलकर न आया गया,
ये अश्क़ भी कहते हैं उनकी कहानी के पन्ने,
मिरे नाज़ुक दिल में उनसे कभी आया न गया।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
61 Views
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