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20 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-489💐

इक दौर तक हमने उनकी तलाश की,
कहीं नहीं अपने दिल में ही तलाश की,
उन तक पहुँचे,कई बार उन्हें दिलबर कहा,
सिवाए उनके मेरे क़ल्ब में कुछ न निकला,
सर-ए-आम आकर जब उन्होंने तलाश की।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
31 Views
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