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9 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-387💐

इक ज़माना क्यों बिता दिया गया है,
दिल का दिया भी बुझा दिया गया है,
यह फ़ानी दुनिया के किस्से हैं सुनिए,
एतिबार को बे-एतिबार दिया गया है।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
49 Views
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