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11 May 2022 · 1 min read

इंतजार का….

जब कोई तन. मन. धन लगा
भी लक्ष्य से रह जाता है दूर
तब वह शख्स इंतजार करने
के लिए हो जाता है मजबूर
बहुधा लोगों को इंतजार का
मिलता है सुखद परिणाम
अनुभवी इसको मानते हैं सब्र
धारण करने का एक आयाम
प्रकृति भी हर मनुष्य को देती
है इंतजार करने की ही सीख
फूल और फल की प्रक्रिया में
नजर आता है इंतजार क्रमिक
इंतजार की घड़ी यूं तो हरेक
मनुष्य का मन करती है हैरान
मगर वो ही जग जीतता है जो
धैर्य धर करे पुन: लक्ष्य संधान

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 177 Views
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