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8 Jul 2022 · 1 min read

आ ख़्वाब बन के आजा

तरसी हुई नज़र को
उम्मीदें दीद है ।
आ ख़्वाब बन के आजा
आंखों में नींद है ॥

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
9 Likes · 161 Views
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