Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 28, 2021 · 1 min read

आस तुम्हारे आने की

आने की आस में तेरी हरदम करता हूँ इन्तेज़ार
पाने को एक झलक मैं तेरी सदा बैचैन सा रहता हूँ

ना जाने कब होगा आना मेरे सूने जीवन में प्रिये
ख़्यालों में हर वक़्त तुम्हारे ही उलझा उलझा रहता हूँ

नैनों के तीर कब आकर मेरे दिल को कर देंगे घायल
दिल-ए-नादाँ को तेरे लिए हर वक़्त लिए फिरता हूँ

ख्वाबों में भी आना तेरा जीवन को महकाता है मेरे
खूबसूरत ख़्वाबों को अब मैं हकीक़त बनाना चाहता हूँ

जादू तेरी निगाहों का अब मुझ पर असर कर रहा है
निगाह ए नाज़ के आगोश में बस जीना चाहता हूँ

चेहरे का नूर तेरा गुलशन मेरा महका जाता है प्रिये
तेरे रुखसार की रंगत को आज मैं चुराना चाह्ता हूँ

दीदार ए हुस्न को अब हरदम मचलती हैं फ़िज़ाएं भी
फ़िज़ाओं का रुख मेरे दिलबर अब बदलना चाहता हूँ.

संजय श्रीवास्तव
बालाघाट (मध्य प्रदेश)

1 Like · 1 Comment · 128 Views
You may also like:
*मतलब डील है (गीतिका)*
Ravi Prakash
लोभ का जमाना
AMRESH KUMAR VERMA
✍️मेरा जिक्र हुवा✍️
'अशांत' शेखर
वो राधा से फिर न मिला ।
शक्ति राव मणि
काव्य संग्रह
AJAY PRASAD
महँगाई
आकाश महेशपुरी
भगवान की तलाश में इंसान
Ram Krishan Rastogi
✍️✍️भोंगे✍️✍️
'अशांत' शेखर
वतन ही मेरी ज़िंदगी है
gurudeenverma198
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
पिता का सपना
श्री रमण 'श्रीपद्'
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग २]
Anamika Singh
✍️जिंदगी के अस्ल✍️
'अशांत' शेखर
My dear Mother.
Taj Mohammad
अपनी कहानी
Dr.Priya Soni Khare
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
तपिश
SEEMA SHARMA
✍️दो पंक्तिया✍️
'अशांत' शेखर
कोई ठांव मुझको चाहिए
Saraswati Bajpai
इज्जत
Rj Anand Prajapati
विसाले यार ना मिलता है।
Taj Mohammad
कब मेरी सुधी लोगे रघुराई
Anamika Singh
दर्द आवाज़ ही नहीं देता
Dr fauzia Naseem shad
धूल जिसकी चंदन है भाल पर सजाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
“ARBITRARY ACTING ON THE WORLD THEATRE “
DrLakshman Jha Parimal
चाह इंसानों की
AMRESH KUMAR VERMA
मौसम
AMRESH KUMAR VERMA
मेरी आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
सच ही तो है हर आंसू में एक कहानी है
VINOD KUMAR CHAUHAN
गला रेत इंसान का,मार ठहाके हंसता है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...