Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-288💐

आवा-जाही करिए दिल में,रोक नहीं,
हर बार बख़ूबी आइए पर मुस्कुराइए।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
79 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
हवाएँ मस्तियाँ लाईं, ये फागुन का महीना है【 हिंदी गजल/गीतिका
हवाएँ मस्तियाँ लाईं, ये फागुन का महीना है【 हिंदी गजल/गीतिका
Ravi Prakash
एक नासूर ये गरीबी है
एक नासूर ये गरीबी है
Dr fauzia Naseem shad
आस
आस
Dr. Rajiv
गज़ल सी कविता
गज़ल सी कविता
Kanchan Khanna
बेहयाई दुनिया में इस कदर छाई ।
बेहयाई दुनिया में इस कदर छाई ।
ओनिका सेतिया 'अनु '
मैं कितनी नादान थी
मैं कितनी नादान थी
Shekhar Chandra Mitra
क़तआ (मुक्तक)
क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
सुना है सपने सच होते हैं।
सुना है सपने सच होते हैं।
Shyam Pandey
हिन्दी दोहा -भेद
हिन्दी दोहा -भेद
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
!!दर्पण!!
!!दर्पण!!
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
वक्त एक हकीकत
वक्त एक हकीकत
umesh mehra
समझदारी का न करे  ,
समझदारी का न करे ,
Pakhi Jain
💐प्रेम कौतुक-394💐
💐प्रेम कौतुक-394💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
"बेवकूफ हम या गालियां"
Dr Meenu Poonia
नामवर रोज बनते हैं,
नामवर रोज बनते हैं,
Satish Srijan
दूर....
दूर....
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"जोकर"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
Seema Verma
अहं
अहं
Shyam Sundar Subramanian
तुझसे बिछड़ने के बाद
तुझसे बिछड़ने के बाद
Surinder blackpen
आओ प्रिय बैठो पास...
आओ प्रिय बैठो पास...
डॉ.सीमा अग्रवाल
सूरज मेरी उम्मीद का फिर से उभर गया........
सूरज मेरी उम्मीद का फिर से उभर गया........
shabina. Naaz
भौतिकता
भौतिकता
लक्ष्मी सिंह
इतनें रंगो के लोग हो गये के
इतनें रंगो के लोग हो गये के
Sonu sugandh
जीवन की गाड़ी
जीवन की गाड़ी
सुशील मिश्रा (क्षितिज राज)
ऐसे इंसानों से नहीं कोई फायदा
ऐसे इंसानों से नहीं कोई फायदा
gurudeenverma198
अटल-अवलोकन
अटल-अवलोकन
नन्दलाल सिंह 'कांतिपति'
स्वार्थी नेता
स्वार्थी नेता
पंकज कुमार कर्ण
बढ़ने वाला बढ़ रहा, तू यूं ही सोता रह...
बढ़ने वाला बढ़ रहा, तू यूं ही सोता रह...
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...