Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

आम ही आम है !

आम ही आम है !

वागड. की धरा पर
वो मोर की महक
संग तोतों की चहक
पोपले से गदराए
लालिमा युक्त गात
लाल- हरे रंगीन पात
शिशु के मुंह में उग आए
कोमल नन्हें-नन्हें दांत
ज्यों मुस्करा उठते हैं !
साल दर साल
बेनज़ीर और बेमिसाल
और तो और
सुनी सुनाई हर बात
आमों के बारें में कि
दादा बोए पोता खाए !
इसी तरह जंगल में
दरख्त आमों के उग आए !
आज बात झूठी लगती है !
जो मारवाड़ मेंं बच्चों को
बचपन से सिखाती है !
बहुत कठिन काम है !
आम का आम होना
मिट्टी में दुबक कर पनपना
वाकई आम बहुत खास है !
यूं फलों का राजा आम है !
जो कुछ सालों का अंजाम है !
मारवाड़ के नीम सरीखा
वागड़ में आम ही आम है !

© हरीश सुवासिया
आर. ई. एस.
देवली कलां (पाली)

1 Like · 1 Comment · 159 Views
You may also like:
चित्कार
Dr Meenu Poonia
बुंदेली दोहा- गुदना
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
बाबूजी! आती याद
श्री रमण 'श्रीपद्'
*स्मृति डॉ. उर्मिलेश*
Ravi Prakash
मिथ्या मार्ग का फल
AMRESH KUMAR VERMA
✍️तलाश करो तुम✍️
'अशांत' शेखर
अल्फाज़ ए ताज भाग-2
Taj Mohammad
सोए है जो कब्रों में।
Taj Mohammad
हे कृष्णा पृथ्वी पर फिर से आओ ना।
Taj Mohammad
गंतव्य में पीछे मुड़े, अब हमें स्वीकार नहीं
Tnmy R Shandily
दिवस नहीं मनाये जाते हैं...!!!
Kanchan Khanna
बेटियां।
Taj Mohammad
मेरा वजूद
Anamika Singh
✍️✍️नींद✍️✍️
'अशांत' शेखर
मोरे सैंया
DESH RAJ
पिता का प्यार
pradeep nagarwal
आख़िरी मुलाकात
N.ksahu0007@writer
अग्नि पथ के अग्निवीर
Anamika Singh
प्रेम का आँगन
मनोज कर्ण
मनुष्यस्य शरीर: तथा परमात्माप्राप्ति:
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
इश्क के मारे है।
Taj Mohammad
कांटों पर उगना सीखो
VINOD KUMAR CHAUHAN
दुलहिन परिक्रमा
मनोज कर्ण
लौट आई जिंदगी बेटी बनकर!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
गीत
शेख़ जाफ़र खान
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
@@कामना च आवश्यकता च विभेदः@@
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
झूला सजा दो
Buddha Prakash
खुशनुमा ही रहे, जिंदगी दोस्तों।
सत्य कुमार प्रेमी
धड़कनों की सदा।
Taj Mohammad
Loading...