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11 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-58💐

आपकी मुस्कुराहट का राज़ क्या है?
कहीं मेरे दिल की रानाइयाँ तो नहीं।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
126 Views
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