Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

आदमी

महज़ इस्तेमाल होता है आदमी ।
फक़त ख़्याल खोता है आदमी।
चलकर सँग जमीन पे अपनो के,
हसरते आसमां पे सोता है आदमी ।
…….विवेक दुबे”निश्चल”@…

216 Views
You may also like:
✍️परछाईया✍️
'अशांत' शेखर
किसी ने कहा, पीड़ा को स्पर्श करना बंद कर पीड़ा...
Manisha Manjari
'बाबूजी' एक पिता
पंकज कुमार "कर्ण"
पावस की ऐसी रैन सखी
लक्ष्मी सिंह
अक्सर सोचतीं हुँ.........
Palak Shreya
" शौक बड़ी चीज़ है या मजबूरी "
Dr Meenu Poonia
बद्दुआ गरीबों की।
Taj Mohammad
✍️सलीक़ा✍️
'अशांत' शेखर
तेरा साथ मुझको गवारा नहीं है।
सत्य कुमार प्रेमी
"ईद"
Lohit Tamta
पर्यावरण
सूर्यकांत द्विवेदी
किसी से ना कोई मलाल है।
Taj Mohammad
पिता
Aruna Dogra Sharma
नहीं बचेगी जल विन मीन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अपनी आँखों से ........................................
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
*पद्म विभूषण स्वर्गीय गुलाम मुस्तफा खान साहब से दो मुलाकातें*
Ravi Prakash
लिख लेते हैं थोड़ा थोड़ा
सूर्यकांत द्विवेदी
“सावधान व्हाट्सप्प मित्र ”
DrLakshman Jha Parimal
हाय! सुशीला
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कमर तोड़ता करधन
शेख़ जाफ़र खान
गीत
शेख़ जाफ़र खान
बाबासाहेब 'अंबेडकर '
Buddha Prakash
✍️वो मेरी तलाश में…✍️
'अशांत' शेखर
शराफत में इसको मुहब्बत लिखेंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग८]
Anamika Singh
शेखर जी आपके लिए कुछ अल्फाज़।
Taj Mohammad
कुछ बारिशें बंजर लेकर आती हैं।
Manisha Manjari
करो नहीं व्यर्थ तुम,यह पानी
gurudeenverma198
कभी न करना उससे, उसकी नेमतों का गिला ।
Dr fauzia Naseem shad
✍️दिल ही बेईमान था✍️
'अशांत' शेखर
Loading...