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Jul 14, 2022 · 1 min read

सफ़र में छाया बनकर।

आज वही दरख़्त काम आया सफर में छाया बनकर।
जिसको हमने कभी ऐसे ही बारिश में लगा दिया था।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

1 Like · 2 Comments · 42 Views
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