Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

आज रविवार हैं

आज रविवार है,
मिला पुराना यार है,
फिर जागा वाे प्यार है,
उसकी यादों मे कितना दुलार हैं,
उसकी बाताे में बड़ा ही सार है,
वह हरपल मेरे लिये मददगार है ,
याराे के लिये दिलदार है,
नयनाे में उसकी कटार सी धार है,
सुख दुःख गमाे से वह पार है,
नही उस पर किसी का भार है,
उसने कितनी ही सही मार है,
मेरे लिये उसकी मित्रता गले का हार है,
।।।जेपीएल।।।

205 Views
You may also like:
परिवाद झगड़े
ईश्वर दयाल गोस्वामी
माँ की भोर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
# पिता ...
Chinta netam " मन "
वाक्य से पोथी पढ़
शेख़ जाफ़र खान
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
बे'बसी हमको चुप करा बैठी
Dr fauzia Naseem shad
सही-ग़लत का
Dr fauzia Naseem shad
खुद को तुम पहचानों नारी ( भाग १)
Anamika Singh
मेरी लेखनी
Anamika Singh
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
इंतजार
Anamika Singh
पवनपुत्र, हे ! अंजनि नंदन ....
ईश्वर दयाल गोस्वामी
बेजुबान और कसाई
मनोज कर्ण
ग़रीब की दिवाली!
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सोच तेरी हो
Dr fauzia Naseem shad
आओ तुम
sangeeta beniwal
किसी का होके रह जाना
Dr fauzia Naseem shad
✍️स्कूल टाइम ✍️
Vaishnavi Gupta
'परिवर्तन'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
बेचारी ये जनता
शेख़ जाफ़र खान
गरीबी पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
अब आ भी जाओ पापाजी
संदीप सागर (चिराग)
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
बदल जायेगा
शेख़ जाफ़र खान
चराग़ों को जलाने से
Shivkumar Bilagrami
महँगाई
आकाश महेशपुरी
जादूगर......
Vaishnavi Gupta
उनकी यादें
Ram Krishan Rastogi
Loading...