Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 May 2016 · 1 min read

आज फिर

आज फिर तनहाई में तुम्हे याद किया है ।
आज फिर दिल के बंधन को आजाद किया है ।

आज फिर ये हवाएँ तेरा पैगाम लाई है ।
आज फिर कोई चिठ्ठी मेरे नाम आई है ।

आज फिर मैने तुमको सपनों में देखा है ।
आज फिर कोई तीर मेरे दिल पे तुमने फेंका है ।

आज फिर कोई मुझसे मिलने को आया है ।
आज फिर मेरे सामने मेरा ही साया है ।

आज फिर एक तोहफा अनमोल आया है ।
आज फिर मेरे यार का Miscall आया है ।
……..मुकेश पाण्डेय

1 Like · 229 Views
You may also like:
मां की महिमा
Shivraj Anand
दुल्हन सी सजी संपूर्ण आयोध्या नगरी सारी।
Taj Mohammad
*कभी बरसात है (घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
“ मत पीटो ढोल ”
DrLakshman Jha Parimal
सरल हो बैठे
AADYA PRODUCTION
अब तो ज़ख्मो से रिश्ता पुराना हुआ....
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
जागो।
Anil Mishra Prahari
A pandemic 'Corona'
Buddha Prakash
संतुलन-ए-धरा
AMRESH KUMAR VERMA
तेरी एक तिरछी नज़र
DESH RAJ
प्रतिभा के बलि
Shekhar Chandra Mitra
बाल कविता: मछली
Rajesh Kumar Arjun
मैं ही मैं
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
रामलीला
VINOD KUMAR CHAUHAN
श्वान
लक्ष्मी सिंह
कैसे बताऊं,मेरे कौन हो तुम
Ram Krishan Rastogi
इंतजार से बेहतर है कोशिश करना
कवि दीपक बवेजा
तिरंगा
आकाश महेशपुरी
नर्सिंग दिवस पर नमन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
'' पथ विचलित हिंदी ''
Dr Meenu Poonia
शहीद का पैगाम!
Anamika Singh
अपने दिल से
Dr fauzia Naseem shad
छाँव पिता की
Shyam Tiwari
हर घर तिरंगा
Dr Archana Gupta
सच में शक्ति अकूत (गीत)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बंदिशे तमाम मेरे हक़ में ...........
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
करते रहे हो तुम शक हम पर
gurudeenverma198
मां का घर
Yogi B
मैथिलीमे चारिटा हाइकु
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
अहसास
Vikas Sharma'Shivaaya'
Loading...