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14 Jul 2022 · 1 min read

आज नज़रे।

आज नज़रे तुम्हारी क्यों इतनी ज्यादा ख्वाबीदा ख्वाबीदा हैं।
शायद मोहब्बत के अहसास ने तुझे रात भर सोने ना दिया है।।

ख्वाबीदा=नींद में

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

2 Likes · 2 Comments · 49 Views
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