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14 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-108💐

आज चौदह तारीख़ है दिल की गुल्लक तोड़ी
हू-ब-हू वही निकले,हैरत हुई,इश्क़ का एतिबार हुआ।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
73 Views
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