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12 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-82💐

आज कोई पयाम नहीं मिला,
अब कौन सी नाराज़गी है।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
52 Views
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